गाली देते हैं मवाली
शराबी के हाँथ में होती है एक बोतल खाली
और जुबा पर तीन चार गाली जैसे साले हरामी
क्या मैं सुनाऊ गाली की कहानी
गाली नहीं है पुराणी ये तो है आज कल की जुबानी
गाली देना तो आज कल का फैशन हो रहा है
जैसे रैंप पे चल रही किसी मॉडल का फोटो सेशन हो रहा है
क्यूँ समझते हैं लोग गाली देकर खुद को महान
जब के वो नहीं जानते इसी से होती है उनकी पहचान
गाली से होता है अपमान और दुत्कार
इसे छोरेंगे तभी होगा सत्कार।।
शराबी के हाँथ में होती है एक बोतल खाली
और जुबा पर तीन चार गाली जैसे साले हरामी
क्या मैं सुनाऊ गाली की कहानी
गाली नहीं है पुराणी ये तो है आज कल की जुबानी
गाली देना तो आज कल का फैशन हो रहा है
जैसे रैंप पे चल रही किसी मॉडल का फोटो सेशन हो रहा है
क्यूँ समझते हैं लोग गाली देकर खुद को महान
जब के वो नहीं जानते इसी से होती है उनकी पहचान
गाली से होता है अपमान और दुत्कार
इसे छोरेंगे तभी होगा सत्कार।।
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